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Issue VII | Year III ·
December 2026 · pp. 1-6
नैषधीयचरितम् में प्रतिबिम्बित ज्योतिषशास्त्रीय तत्त्व
Abstract
Hindiसंस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम एवं श्रेष्ठतम भाषा के रूप में प्रतिष्ठित है । संस्कृत साहित्य में बृहत्त्रयी एवं लघुत्रयी से सभी परिचित हैं । संस्कृत साहित्य के तीन प्रसिद्ध बृहत् महाकाव्यों का संग्रह बृहत्त्रयी एवं तीन सुप्रसिद्ध लघुमहाकाव्यों का संग्रह लघुत्रयी के नाम से विख्यात है । बृहत्त्रयी में महाकवि माघ द्वारा विरचित शिशुपालवधम्, भारविकृत किरातार्जुनीयम् एवं श्रीहर्षरचित नैषधीयचरितम् समाहित होते हैं । प्रस्तुत शोधपत्र में अनुसंधानकर्ता के द्वारा नैषधीयचरितम् का ज्योतिषशास्त्र विषयक अध्ययन किया गया है ।
Keywords
संस्कृत
महाकाव्य
श्रीहर्ष
नैषधीयचरितम्
महाकाव्य
महाकवि कालिदास
माघ ।
Paper Details
How to Cite
महेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ देवेश कुमार मिश्र. "नैषधीयचरितम् में प्रतिबिम्बित ज्योतिषशास्त्रीय तत्त्व." Bundelkhand Vimarsh, Issue VII | Year III (December 2026), pp. 1-6. ISSN: 3048-6319.
