📚 Issue V | Year III · April 2025 · pp. 1-7

गांधीवादी सर्वोदय दर्शन: सामूहिक विकास के लिए आधुनिक कार्यस्थलों की पुनर्कल्पना

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डॉ. शिलादित्य वर्मा
फैकल्टी - बिज़नेस हायर कॉलेजेज ऑफ टेक्नोलॉजी संयुक्त अरब अमीरात । डॉ. एसोसिएट प्रोफेसर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन एंड रिसर्च भारत ।
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डॉ. अमित कुमार तिवारी
फैकल्टी - बिज़नेस हायर कॉलेजेज ऑफ टेक्नोलॉजी संयुक्त अरब अमीरात । डॉ. एसोसिएट प्रोफेसर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन एंड रिसर्च भारत ।
Hindi

Abstract

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आधुनिक विश्व तीव्र गति से बदल रहा है, जो लोगों की सोच और कार्य करने के तरीके को प्रभावित कर रहा है। यह "मैं-पहले" दृष्टिकोण समाज में अनावश्यक दबाव और अवास्तविक अपेक्षाएँ उत्पन्न कर रहा है, जिससे न केवल सामाजिक ढांचे बल्कि कार्यस्थलों पर भी प्रभाव पड़ रहा है। तकनीकी प्रगति इन मुद्दों को और अधिक गहरा बना रही है, क्योंकि आधुनिक कार्यस्थलों में व्यक्तिगत स्वार्थ और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती जा रही है। बीसवीं शताब्दी की शुरुआत में महात्मा गांधी ने सर्वोदय का विचार प्रस्तुत किया, जिसका अर्थ "सभी का उत्थान" है। यद्यपि यह विचार अपने समय की सामाजिक आवश्यकताओं पर आधारित था, फिर भी इसके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और आधुनिक कार्यस्थलों की अनेक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। यह शोधपत्र इस बात की पड़ताल करता है कि गांधीवादी सर्वोदय दर्शन को किस प्रकार आधुनिक कार्यस्थलों में लागू किया जा सकता है। इसमें सरल, व्यावहारिक विचारों को प्रस्तुत किया गया है, जो सामंजस्य, सहयोग और सामूहिक विकास को प्रोत्साहित कर सकते हैं। यह शोध एक सतत प्रक्रिया में है, और अभी कई आयामों की खोज की जानी बाकी है।

Keywords

सर्वोदय गांधीवादी दर्शन आधुनिक कार्यस्थल सार्वभौमिक उत्थान कार्यस्थल सामंजस्य सामूहिक विकास।

Paper Details

Issue
Issue V | Year III
Published
April 2025
Pages
pp. 1-7
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

डॉ. शिलादित्य वर्मा, डॉ. अमित कुमार तिवारी. "गांधीवादी सर्वोदय दर्शन: सामूहिक विकास के लिए आधुनिक कार्यस्थलों की पुनर्कल्पना." Bundelkhand Vimarsh, Issue V | Year III (April 2025), pp. 1-7. ISSN: 3048-6319.