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Issue IV | Year II ·
December 2024 · pp. 01 - 05
21वीं शताब्दी में नीति शतक की शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता
Abstract
Hindiजीवन को सुखी समृद्ध और खुशहाल बनाना ही मनुष्य के जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। अपने जीवन से भय क्रोध घृणा अहंकार एवं द्वेष को मिटाकर अपनी उर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहिए जिससे जीवन का मुख्य उद्देश्य प्राप्त हो सके जिससे समाज के साथ राष्ट्र भी प्रगति कर सके।नीति शतक वर्तमान समय में उपयोगी हो गया है क्योंकि आज के समय में छात्र के साथ शिक्षक भी दिक भ्रमित होकर अपनी ऊर्जा का ह्रास करते हुए कुंठा से ग्रसित होकर अपना जीवन नष्ट कर लेता है। इसलिए उन्हें बचाने के लिए नीति शतक वर्तमान समय में उपयोगी हो गया है।
Keywords
नीतिशतक
भर्तृहरि
शिक्षा
मानव जीवन
संस्कृत
शुक्रनीति
चाणक्यनीति ।
Paper Details
How to Cite
नितेश कुमार नागर. "21वीं शताब्दी में नीति शतक की शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता." Bundelkhand Vimarsh, Issue IV | Year II (December 2024), pp. 01 - 05. ISSN: 3048-6319.
